F brahman par kavita ब्राह्मण एकता पर गीत-ब्राह्मणों की महिमा - bhagwat kathanak
brahman par kavita ब्राह्मण एकता पर गीत-ब्राह्मणों की महिमा

bhagwat katha sikhe

brahman par kavita ब्राह्मण एकता पर गीत-ब्राह्मणों की महिमा

brahman par kavita ब्राह्मण एकता पर गीत-ब्राह्मणों की महिमा
brahman par kavita 
ब्राह्मण एकता पर गीत
 ब्राह्मण होकर के ब्राह्मण का
               आप सभी सम्मान करो
सभी ब्राह्मण एक हमारे
          मत उसका  नुकसान करो
चाहे ब्राह्मण कोई भी हो
            मत उसका अपमान करो
जो ग़रीब हो अपना ब्राह्मण
          धन देके  धनवान करो
हो गरीब ब्राह्मण की बेटी
          मिलकर कन्या दान करो
अगर  ब्राह्मण लड़े चुनाव
        शत प्रति शत मतदान करो
हो बीमार कोई भी ब्राह्मण
         उसे रक्त का दान करो
बिन घर के कोई मिले ब्राह्मण
         उसका खड़ा  मकान करो
केश अदालत में गर उसका
        बिना फीस के काम करो
अगर ब्राह्मण दिखता भूखा
        भोजन का इंतजाम करो
अगर ब्राह्मण की हो फायल
         शीघ्र काम श्री मान करो
 ब्राह्मण की अटकी हो राशि
        शीघ्र आप भुगतान करो
ब्राह्मण को गर कोई सताये
       उसकी आप पहिचान करो
अगर जरूरत हो ब्राह्मण को
        घर जाकर श्रमदान करो
अगर मुसीबत में हो ब्राह्मण
          फौरन मदद का काम करो
अगर ब्राह्मण दिखे वस्त्र बिन
            उसे वस्त्र का दान करो
अगर ब्राह्मण दिखे उदासा
            खुश करने का काम करो
अगर ब्राह्मण घर पर आये
          तिलक लगा सम्मान करो
अगर फोन पर बाते करते
         पहले जय परशुराम करो
अपने से हो बड़ा ब्राह्मण
         उसको आप प्रणाम करो
हो गरीब ब्राह्मण का बरूआ
         उसकी मदद तमाम करो
बेटा हो गरीब का पढ़ता
          कापी पुस्तक दान करो
परमात्मा ने गर तुम्हें नवाजा
          नही आप अभिमान करो
ब्राह्मण होकर के ब्राह्मण का
               आप सभी सम्मान करो
brahman par kavita 
ब्राह्मण एकता पर गीत
 ब्राह्मणों की महिमा
ब्राह्मण इस पृथ्वी के साक्षात देवता हैं, इसलिए भूल से भी कभी उनका अनादर ना करें |

भगवान श्री राम ब्राह्मणों की उदारता के विषय में वर्णन करते हुए कहते हैं- कि जो मेरा नाम राम यह दो अक्षर का प्यारा नाम है यह ब्राह्मणों की ही कृपा से मुझे प्राप्त हुआ है , उन्हीं की कृपा से लक्ष्मी जी मेरे पास हैं, उन्हीं की कृपा से मैं जिसको कभी जीता नहीं जा सकता उस अजित को भी मैं जीत लेता हूं , ब्राह्मण धरा के देवता हैं | 

यही बात भगवान श्रीकृष्ण दशम स्कंध में अपने पुत्रों को समझाते हुए कहते हैं कि बेटा एक बात का ध्यान रखना भूल से भी कभी ब्राह्मणों का अपमान मत करना, उनसे द्वेष मत करना ,अगर ब्राम्हण आपसे कुछ अपशब्द बोल भी दे तो आप उसे सहन करना क्योंकि ब्राह्मणों से वैर मोल लेना बहुत घातक सिद्ध होता है |

आप समझिए एक बार आप कालकूट जहर पीलें वह ठीक है, लेकिन ब्राह्मणों से द्वेष कभी ना करें, क्योंकि कालकूट जहर केवल उसी जीव को मारेगा जो उसे ग्रहण करेगा पिएगा ,लेकिन ब्राह्मण से द्वेष करने वाले जीव का कुल समूल जलकर नष्ट हो जाता है |
brahman par kavita 
ब्राह्मण एकता पर गीत


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