हिंदी भजन संग्रह लिरिक्स 100+ bhajan sangrah lyrics

हिंदी भजन संग्रह लिरिक्स 100+ bhajan sangrah lyrics 


1
राधे तेरे चरणों की यदि धूल ही मिल जाये। 
सच कहता हूँ बस मेरी तकदीर बदल जाये।। 

ये मन बड़ा चंचल है कैसे तेरा भजन करूँ। 
जितना इसे समझाऊँ उतना ही मचल जाये।। 

सुनते हैं तेरी रहमत दिनरात बरसती है। 
एक बूद जो मिल जाये दिल की कली खिल जाये।।

 नजरो से गिराना ना चाहे जितनी सजा देना।
 नजरो से जो गिर जाये मुश्किल ही सँभल पाये।। 

राधे इस जीवन में बस इतनी तमन्ना है। 
तुम सामने हो मेरे, मेरा दम ही निकल जाये।।

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2
नी मैं हथ बिच लैके एक तारा, चप्पा चप्पा छान मारया। 
कित्थ मिलया न प्रीतम प्यारा, मैं चप्पा चप्पा छान मारया।।

दे गया दिलासा नाले चल गया चाल नी।
बड़ा ही कठोर संइयो नन्दजू दा लाल नी।। 
सानूं जूठा ही दे गया लारा।
मैं चप्पा चप्पा छान मारया ।।

देवी न दगा वे कित्थे ब्रज दा दे बासिया।
तेरे बिना हुइया अज अंखिया उदासिया।। 
कित्थे छिप गया अंखियों दा तारा। 
मैं चप्पा चप्पा छान मारया।।

श्याम श्याम श्याम श्याम गान मेरे गरु।
रूठे हुये श्याम नूँ मनान मेरे घुगरु ।। 
सूना ओ पिया बिना जग सारा। 
मैं चप्पा चप्पा छान मारया।।

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3
पकड़ लो हाथ बनवारी नहीं तो डूब जायेंगे। 
हमारा कुछ न बिगड़ेगा आप बदनामी पायेंगे।। 

तुम्हारे ही भरोसे पर जमाना छोड़ बैठे हैं। 
जमाने की तरफ देखें प्रीत कैसे निभाओगे।। 

पड़ी है भँवर में नैया प्रभु अब डूबी जाती है। 
खेवटिया आप बन जाओ तभी तो पार जायेंगे।।

धरी है पाप की गठरी मेरे सिर पे बहुत भारी। 
सहारा तुम नहीं दोगे इसे कैसे उठायेंगे।।

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4
बाँके बिहारी मुझको देना सहारा 
कभी छूट जाये न दामन तुम्हारा 

तेरे सिवा मन में आए न कोई। 
लगन का यह दीपक बुझाये न कोई। 
तूही मेरी कश्ती है तुही किनारा।। 
बाँके.... 

तेरे रास्ते से हटाती है दुनियाँ । 
इशारों से मुझको बुलाती है दुनिया। 
देखू न हरगिज मैं दुनियाँ का इशारा।। 
बाक.... 

तेरे नाम का गान गाता रहूँ मैं | 
सुबह शाम तुमको रिझाता रहूँ मैं | 
तेरा नाम मुझको है प्राणों से प्यारा ।।
 बाँके.... 

बड़ी भूल की जो मैं दुनिया में आया। 
मूल भी खोया और ब्याज भी गँवाया। 
दुनिया में मुझको प्यारे भेजो न दुबारा ।। 
बाँके....

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5
श्याम तेरी वंशी बजै धीरे-धीरे। 
इत मथुरा इत गोकुल नगरी बीच में जमुना बहै धीरे-धीरे।। 

इत मधुमंगल इत श्रीदामा बीच में कान्हा चले धीरे-धीरे।। 

इत में ललिता इत में विशाखा बीच में राधा चले धीरे-धीरे।। 

कदम की डारी पे झूला परयो है राधा और मोहन झूले धीरे-धीरे।।

 हम सब आये तेरी शरण में हमको भी दर्शन मिले धीरे-धीरे।।


6
तुम रूठे रहो मोहन हम तुमको मना लेंगे 
आहों में असर होगा, घर बैठे बुला लेंगे।। 

तुम कहते हो मोहन वृन्दावन हमें प्यारा इ
स दिल में आ जाओ वृन्दावन बना लेंगे।। 

तुम कहते हो मोहन हमें कहाँ बिठाओगे 
एक बार तो आ जाओ पलक में बिठा लेंगे।। 

लगी आग जो सीने में इस प्रेम जुदाई की 
इस प्रेम की धारा से दिल की आग बुझायेंगे।।

7
न यूँ घनश्याम तुम को दुख से घबरा करके छोडूंगा। 
जो छोडूंगा ! तो कुछ मैं भी तमाशा करके छोड़ेगा। 

अगर था छोड़ना मुझको तो फिर क्यूँ हाथ पकड़ा था। 
जा अब छोड़ा तो मैं, जाने न क्या-क्या करके छोडूंगा। 

मेरी रुसवाइयाँ देखो ! मजे से शौक से देखो। 
तुम्ह में भी सरे बाजार रुसवा करके छोडूंगा। 

तुम्ह है नाज “यह बेदर्द रहता है हमारा दिल'। 
में उस बेदर्द दिल में दर्द पैदा करके छोडूंगा। 

निकाला तुमने, अपने दिल के जिस घर से ? उसी घर पर 
अगर दृग 'बिन्दु' जिन्दा हैं ! तो कब्जा करके छोडूंगा।।

8
कान सी ने मार दियौ री टोना, 
मेरो मचलो श्याम सलौना। 

भूल गई मैं ने दियो न याके माथे बीच दिठौना।। 
रोय रोय रुदन करै मेरो बालक तोर दियौ है खिलौना।। 

कौन. दूध न पीवै लाला दही न खावै लेय न माखन लौना। 
नहावै न धोवै याने सुधि बिसराई मचल गयौ मेरौ छौना।। 

कौन. पहले ही समझायौ लाल इन सखियन संग नचौना।। 
या ग्वालिन की नजर बुरी है बरजे ते मानै ना।। 

कौन. राई नौन उतारौ लाला पर और धर दियौ ठौना।। 
ठुमक ठुमक जब चले कन्हाई हाथ में लियो खिलौना।। कौन.

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.9
राधा को नाम अनमोल बोलो राधे राधे 
चन्दा भी बोले राधा सूरज भी बोले राधा 
तारों के मण्डल से आवाज आई राधे राधे 

ब्रह्मा भी बोले राधा विष्णु भी बोले राधा 
शंकर के डमरू से आवाज आई राधे राधे 

जमुना भी बोले राधा, गंगा भी बोले राधा 
सागर की लहरों से आवाज आई राधे राधे 

ग्वाले भी बोले राधा, सखियाँ भी बोले राधा 
व्रज गलियों से आवाज आई राधे राधे 

गैया भी बोले राधा, बछड़ा भी बोले राधा 
श्रीवन से आवाज आई राधे राधे


10
राधा ढूंढ़ रही, किसी ने मेरा श्याम देखा 

राधा तेरा श्याम, वृन्दावन में देखा 
रास रचाते हुए, राधा तेरा श्याम देखा 

राधा तेरा श्याम, गोपी के घर देखा
 माखन चुराते हुए, राधे तेरा श्याम देखा 

राधा तेरा श्याम हमने, गोवर्धन में देखा 
परवत उठाते हुए राधे, तेरा श्याम देखा 

राधा तेरा श्याम हमने, गहवरवन में देखा 
मोर बन नाचते हुए राधे, तेरा श्याम देखा 

राधे तेरा श्याम हमने, बरसाने में देखा 
होरी खेलते हुए राधे, तेरा श्याम देखा 

राधे तेरा श्याम हमने, भक्तों के घर में देखा 
कीर्तन कराते हुए, राधा तेरा श्याम देखा

11
छीन लिया मेरा भोला सा मन, 
राधारमण प्यारे राधारमण

गोकुल का ग्वाला वो ब्रज का बसैया,
सखियों का मोहन और माँ का कन्हैया। 
भक्तों का जीवन और निर्धन का धन, 
राधारमण प्यारे राधारमण

यमुना के जल में वही श्याम खेलै,
लहरों में उछलैं अरु मारै झमेलै । 
बिछुड़न कभी होवै मोहन मिलन, 
राधारमण प्यारे राधारमण

जाकर के देखा वो मन्दिर के अन्दर,
बैठा वहीं बाबा वो श्याम सुन्दर । 
कुंडल हलन और तिरछी चलन, 
राधारमण प्यारे राधारमण

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12
एक बार अयोध्या दो बार द्वारका 
तीन बार जाकर त्रिवेणी में नहाओगे। 
चार बार चित्रकूट नौवार नासिक 
बार बार जाकर बद्री केदार घूम आओगे। 

कोटि बार काशी केदार जगन्नाथ 
आदि चाहे जहां जाओगे 
होंगे प्रत्यक्ष दर्शन श्री श्याम सुंदर के 
वृंदावन सा आनन्द कहीं नहीं पाओगे।

13
मेरा दिल तुझपे करबां मुरलिया वाले रे 
मुरलिया वाले रे, सामरिया प्यारे रे, मेरा दिल...

देखी है जब से, ये तसवीर तेरी 
तबसे बदल गई है, तकदीर मेरी 
मुरलिया वाले रे, सांमरिया प्यारे रे 
अब तो होजा मेहरबां मुरलिया वाले रे

चाहे कुछभी कहे ये जमाना 
पागल हुआ हूँ तेरा दीवाना
मुरलिया वाले सामरिया प्यारे रे 
अब तो तू ही मेरी जान मुरलिया वाले, मेरा दिल...

मैं तो तेरा एक दीदार चाहूँ 
दीवाना बनके तेरा प्यार चाहूँ
मुरलिया वाले रे सामरिया प्यारे रे 
मेरे दिल की तू दुनिया, मुरलिया वाले रे, मेरा दिल...

बिन तेरे अब रह नहीं सकता दर्द जुदाई का सह नहीं सकता

मुरलिया वाले रे सामरिया प्यारे रे 
मेरे दिल की तू बीण मुरलिया वाले रे, मेरा दिल...

.
14
मन चल रे वृन्दावन धाम राधे राधे गायेंगे।
वहाँ कौड़ी लगे न छदाम, राधे राधे गायेंगे।। 

वृन्दावन में बांके बिहारी, बांके बिहारी की छवि न्यारी 
सब दर्शन करें सुबह शाम, राधे राधे गायेंगे।।

बरसाने की राधा प्यारी गहवर वन की लीला न्यारी 
मोर बोलत हैं आठों याम, राधे राधे गायेंगे।।

बांकेबिहारी की राधा प्यारी राधे प्यारी के बांके बिहारी 
ये युगल छवि सुखधाम, राधे राधे गायेंगे।। 

प्रिय दर्सन के कृष्ण मुरारी, इनकी मूरत पे बलिहारी 
ए जी पायो तुरत विश्राम, राधे राधे गायेंगे।।
भाव भक्ति मोय दे दो बनवारी तेरी 
सेवा करूँ आठों याम, राधे राधे गायेंगे।।

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15
सुन बरसाने वारी गुलाम तेरो बनवारी।।
तेरी पायलिया पे बाजे मुरलिया 
छम-छम नाचे गिरधारी।। गुलाम तेरो....

चन्दा से आनन पे बड़ी-बड़ी अँखियां 
लट लटकें घुघराली।। गुलाम तेरो...... 

बड़े-बड़े नैंनो पे झीनो झीनो कजरा। 
घायल कुंज बिहारी।। गुलाम तेरो......

बड़े-बड़े देव द्वार पे ठाड़े। 
वाट तकत हैं बिहारी।। गुलाम तेरो......

बरसाने की खोर साँकरी,
मांगत दान बिहारी।। गुलाम तेरो.. 

कदम की डाली पे झूला पड्यौ है, 
झोटा देवें बिहारी।। गुलाम तेरो.. 

16
मेरौ खो गयो बाजूबन्द रसिया होरी में।। 

बाजूबन्द मेरौ बड़ौ रे मोल कौ, तोते गढ़वाय लऊँ पूरे तोल को
सुन नन्द के फरजंद रसिया होरी में।। मेरो. ।। 

सास लड़ेगी मेरी ननद लड़ेगी, खसम की सिर मार पड़ेगी।
हो जाय सब रस भंग रसिया होरी में।। मेरो. ।। 

ऊधम तैंने बहुत मचायो, लाज सरम जाने कहां धरि आयो
मैं तो आगयी तोते तंग-रसिया होरी में।। मेरो. ।। 

तेरी मेरी प्रीत पुरानी तुमने मोहन नाय पहचानी 
मोय ले चल अपने संग रसिया होरी में।। मेरो.।।

17
राधे-राधे बोलो चले आयेंगे बिहारी। 
आवेंगे बिहारी, चले आवेंगे गिरधारी।। 

राधे रानी चन्दा, चकोर है बिहारी। 
राधे रानी गंगा, तो धार हैं बिहारी।। 

राधे रानी चम्पा सुवास है बिहारी। 
राधे रानी मिश्री तो स्वाद हैं बिहारी।। 

राधे रानी सागर, तरंग है बिहारी। 
राधे रानी तन है तो प्राण है बिहारी।। 

राधे रानी लाड़िली तो लाड़ले बिहारी। 
राधे रानी मोहिनी तो मोहन बिहारी।।

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18
या ब्रज में हरि होरी मचाई इ
तसो आई कुमरि राधिका उतसो कुमर कन्हाई 
खेलत फाग परसपर हिलमिल शोभा वरनि न जाई
कि घर घर बजत बधाई, या व्रज में.... 

बाजत ताल मृदंग साज ढफ मंजीरा सहनाई 
उडत गलाल लाल भये बादर केशर कीच मचाई
मन हो मधवा भर लाई या वन में.... 

राधा सेन दई सब सखियन झुण्ड झुण्ड जुरि आई 
पकरो री पकरो श्याम सुन्दर को ये कहूं भाग न जाई
करो अपने मन माई, या व्रज में.... 

छीन लई याकी मुरली पीताम्बर सिरते चूनर उढ़ाई 
बेंदी माल तपन बिच कजरा नकबेसर पहनाई
मनो नई नारि बनाई, या व्रज में.... 

फगुआ किये दिन जाने न दूंगी लाख करो चतुराई 
कहां गये तेरे सखा संग के कहाँ गये बलभाई
तुम्हें जो लेय हू छाई, या व्रज में.... 

रासविलास करत वृन्दावन व्रजवनिता जदुराई
राधेश्याम युगल जोड़ी पे बार बार बलि जाई
प्रीती रहत समाई, या व्रज में....

19
छोटी छोटी गैया छोटे छोटे ग्वाल। 
छोटो सो म्हारो मदन गोपाल।। 

कहा खावै गैंया कहा खावै ग्वाल। 
कहा खावै म्हारो मदन गोपाल।। 

घास खावै गैया दूध पीवे ग्वाल। 
माखन खावै म्हारो मदन गोपाल।। 

छोटी छोटी सखियाँ मधुवन बाग। 
रास रचावै म्हारो मदन गोपाल।। 

आगे आगे गैया पीछे पीछे ग्वाल। 
बीच में म्हारो मदन गोपाल।। 

काली काली गैया गोरे गोरे ग्वाल। 
श्याम वरण म्हारो मदन गोपाल।।

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20
वृन्दावन के वृक्ष को मरम ना जाने कोय
डार डार अरु पात पात पे राधे राधे होय 

वृन्दावन के वट वृक्षों पर राधे राधे नाम लिखा रखा है 
सूरदास के एक एक पद पर प्रभु का नाम लिखा रखा है

वैसे यहाँ रास रचैया, चरावै बन बन गया 
खिली व्रज की फुलवारी बहे यहाँ जमुना मैया

माखन चुरा के वंशी बजाके मोहे सब व्रजवासी 
विहारीजी के चरण कमल में मुक्ति धाम बसा रखा है।।

कन्हैया वंशी वाला गले वैजयन्ती माला
बसो मेरे हिरदय में अजी जसोदा के लाला 

मन को लुभाके अपना बनाके मैं भी बना पुजारी 
हरी नाम के हर दाने पर सुख आराम लिखा रखा है।।

बनी यहां मुक्ती दासी, धन्य ये व्रज के वासी 
है लीला अजब निराली, भेले शंकर अविनाशी

डमरु छिपाके नारी कहाके गोपेश्वर कहलाये 
काली नाग के एक फन पर प्रभु का पाद छपा रखा है।।

है महिमा व्रज की भारी बसे यहाँ बाँकेबिहारी
न ब्रह्मा पार पाया दयालु हे बनवारी, 

दर्शन दिखादे बिगड़ी बनादे मैं भी तेरा भिखारी 
क्या तेरे इस भक्तिमार्ग में होना बदनाम लिखा रक्खा है

21
मेरा आपकी कृपा से सब काम हो रहा है 
करते हो तुम कन्हैया मेरा नाम हो रहा है। 

पतवार के बिना ही मेरी नाव चल रही है
हैरान है जमाना मंजिल भी मिल रही है 
करता नहीं मैं कुछ भी, सब काम हो रहा है। मेरा.

तुम साथ हो जो मेरे किस चीज की कमी है
किसी और चीज की दरकार अब नहीं है 
तेरे साथ से गुलाम अब गुलफाम हो रहा है। मेरा. 

मैं तो नहीं इस काबिल तेरा पार कैसे पाऊँ
ये टूटी हुई वाणी से गुणगान कैसे गाउँ 
तेरी ही प्रेरणा से ये काम हो रहा है। मेरा.

22
जब तेरी डोली निकाली जायेगी। 
बिन महूरत के उठाली जाएगी।। 

उन हकीमों से कहा यूं बोलकर।
करते थे दावा किताबें खोलकर।। 
यह दवा हरगिज न खाली जाएगी।। जब.।।

जर सिकन्दर का यहीं सब रह गया।
मरते दम लुकमान भी यूं कह गया।। 
यही घड़ी हरगिज न टाली जाएगी।। जब. || 

क्यों गुलों पर हो रही बुल-बुल निसार।
पीछे है माली खड़ा, हो खबरदार। 
मार कर गोली गिरा ली जाएगी।। जब. ।।

ए मुसाफिर क्यों पसरता है यहाँ। 
यह मिला तुझको किराये पर मका। 
कोठरी खाली करा ली जाएगी।। जब.।।

होगा जब परलोक में तेरा हिसाब। 
जब वहाँ पर क्या कहोगे ये जनाब।। 
जब बही तेरी निकाली जायगी।। जब.।।

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23
तेरी चौखट पे आना मेरा काम है।
मेरी बिगड़ी बनाना तेरा काम है। 

जिनका दुनिया में कोई सहारा नहीं ।
उनको अपना बनाना तेरा काम है। 

अब छोड़ दी मैंने कश्ती तेरे नाम पर। 
अब किनारे लगाना तेरा काम है। 

बैठे हैं झोलियां सब फैलाये हुए।
 अब इन्हें खैर पाना तेरा काम है।

24
कान्हा, तोइऐ बुला गई नथवारी

वा नथवारी को नाम न जानूं 
बड़े बड़े नयन उमर वारी-कान्हा तोईऐ

वा नथवारी को घर नाय जानूं 
ऊँचे महल अटा वारी-कान्हा तोईऐ

वा नथवारी को लम्बो घाघरो 
चूनर है बुंदकी वारी-कान्हा तोईऐ

चन्द्रसखी भज बालकृष्ण छवि 
तेरे चरन कमल में बलिहारी-कान्हा तोईऐ

25
वृन्दावन की कुंज गलिन में 
मन की तपन मिटाओ, राधे राधे गाओ.. 

कृपा करें हम पर श्रीराधा हम वृन्दावन जायें
सवाकुज में दरस परस कर भक्ति भाव प्रगटाय 
कुजगलियन में सन्त दरस कर जीवन सफल बनायो।। 

वृज चौरासी कोस की मैया, महिमा सबते न्यारी 
गोकुल नंद गांव बरसाना, गोवर्धन गिरधारा 
गोपी रूप बनाकर अपना, गोपेश्वर प आआ 

श्रीहरिदास के बांके बिहारी, सूर के मोहन मुरारी
मीरा के प्रभु गिरधर नागर, भक्तों के बनवारी 
भक्तिभाव से नमन करो तो प्रिय दर्शन को पाओ।।

26
जहाँ ले चलोगे वहीं मैं चलूँगा 
जहा लाके रखलोगे वहीं मैं रहुँगा ।। जहाँ ले...

ये जीवन समर्पित चरण में तुम्हारे।
तुम्हीं मेरे सरबस तुम्हीं प्राण प्यारे।। 
तुम्हें छोड़कर अब किस से कहुँगा।। जहाँ ले...

न कोई उलाहना न कोई अरजी
करलो करालो जो तेरी मरजी 
कहना भी होगा तुम्हीं से कहूंगा।। जहाँ ले...

दयनीय नाथ है मेरी अवस्था
तेरे हाथ में है सारी व्यवस्था 
जो भी कहोगे तुम वही मैं कहुँगा ।। जहाँ ले...

27
लगन तुमसे लगा बैठे जो होगा देखा जायेगा
तुम्हें अपना बना बैठे जो होगा देखा जायेगा 

कभी दुनिया से डरते थे, जो छुप छुप याद करते थे
कि अब परदा उठा बैठे। जो होगा.... 

कभी यह ख्याल था दुनिया हमें बदनाम कर देगी
शर्म अब बेच खा बैठे। जो होगा... 

दीवाने बन गये तेरे तो फिर दुनिया से क्या मतलब
सभी से दिल हटा बैठे। जो होगा... 

तुम्हारी बेरुखी से दिल ये मेरा टूट जायेगा 
कि हम जीवन लुटा बैठे। जो होगा.....

28
लताओं में ब्रज की गुजारा करेंगे 
कन्हैया कन्हैया पुकारा करेंगे। 

जहां भी मिलेंगे वो बांके बिहारी। 
वहीं से उन्हें ढूंढ़ लाया करेंगे।। 

हृदय प्रेम मंदिर में उनको बिठाके । 
वही प्रेम झूला झुलाया करेंगे।। 

उन्हें प्रेम में हम जहाँ पर मिलेंगे। 
तो फिर कैसे वो भाग जाया करेंगे।। 

जो कहेंगे हमसे वो बांके बिहारी। 
चरण पड़ उनको मनाया करेंगे।। 

अगर न सुनेंगे वो विनती हमारी 
तो दर उनके धूनी रमाया करेंगे।।

29
क्यों ये कहते हो भगवान आते नहीं।
सच्चे दिल से इन्हें तुम बुलाते नहीं।। 

क्यों ये कहते हो कुछ भोग खाते नहीं।
भीलनी भाव से तुम खिलाते नहीं।। 

क्यों यह कहते हो लज्जा बचाते नहीं।
द्रौपदी सी विनय तुम सुनाते नहीं।। 

क्यों ये कहते हो गीता सुनाते नहीं।
पारथी धारणा तुम बनाते नहीं।। 

क्यों ये कहते हो भगवान सोते नहीं। 
माँ यशोदा की भाँति सुलाते नहीं।।

30
कीरति सुता के पग-पग पर प्रयाग यहाँ 
केशव के केलिकुंज कोटि कोटि काशी हैं।

यमुना में जगन्नाथ रेणुका में रामेश्वर, 
तरु-तरु पै बसत अमित अयोध्या निवासी हैं।

गोपिन के द्वार-द्वार पै है हरिद्वार यहाँ, 
बद्री केदार फिरत दास और दासी हैं। 

स्वर्ग अपवर्ग व्यथा लेकर करेंगे क्या, 
जानते नहीं हो, हम वृन्दावन वासी हैं।

31
मेरी चूनर पे रंग मत डाल रसिया 
याकी कीमत बड़ी अनमोल रसिया

टूटेंगे याके सलमा सितारे
रूठेंगे घर में सैंया हमारे 
जान लेंगे सासू के बोल, रसिया याका...

पैंया परूँ तेरी लेंऊ बलैंया
मत मारो पिचकारी कन्हैया 
मेरी तेरी उमर को तो तोल, रसिया याकी...

बाट चलत मेरी पकड़ी कलाई
बीच बजरिया में लाज न आई 
नाचे कूदे बजाये क्यों ढोल, रसिया याकी...

तेरी मेरी प्रीत को कोई न जाने
दिल की लगी को दिल ही जाने 
बंधी मुट्ठी को ऐसे न खोल, रसिया याकी...

कर जोरूं तुमरे बनवारी
आज मान लेयो बात हमारी 
आगे पीछे मेरे मत डोल, रसिया याकी...

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32
मैं ढूँढ़ फिरी जग सारा, मुझे मिला न बंसीवाला। 
वन वीथिन जाकर भटकी, वंशीवट आकर अटकी।।
मुझे मिला न नन्द दुलारा। मैं... 

बिन दर्शन जी घबराये, उन बिन कछु और न भाये।
ये जीवन है बेकारा। मैं..... 

अब दिल की कली खिलादे, मतवाला मुझे बनादे।।
तेरा ही एक सहारा। मैं.. 

ऐ रास रचाने वाले, मुरलीधर प्यारे ग्वाले।
दर्शन का इष्ट हमारा। मैं...... 

गिरवर नख धारण हारे, भूभार उतारन हारे।।
जग के हो प्राणाधारा। मैं...... 

ओ दीन शरण रखवाले, ओ काली कमली वाले।
मेरा भी कर निस्तारा।। मैं......

33
मदनमोहन जरा वंशी बजा दोगे तो क्या होगा। 
सुरीले राग मुरली में सुना दोगे तो क्या होगा।। 

तुम्हारी बाँसुरी मोहन लगे हमको बहुत प्यारी। 
इसी से अब जरा गाकर सुना दोगे तो क्या होगा।। 

बजाई कुंज में जब थी हुआ बेचैन दिल मरा। 
मुझे उसकी अभी तुम धुन सुना दोगे तो क्या होगा।। 

करूँ कर जोड़कर विनती तुम्ही त्रिभुवन के स्वामी हा। 
मेरी नैया किनारे से लगा दोगे तो क्या होगा।।

34
मेरा गोपाल गिरधारी जमाने से निराला है। 
सँवलिया है सलोना है न गोरा है न काला है। 

कभी सपनों में तुम आना कभी रूपोश हो जाना। 
तुम्हारी बाल मूरत ने अजब धोखे में डाला है। 
तुम्हें मैं भूलना चाहूँ मगर भूला नहीं जाता।।

 तुम्हारी मोहिनी मूरत ने कुछ जादू सा डाला है। 
तुम्हारे तो हजारों हैं मेरे तो एक तुम ही हो। 
तुम्हीं बोलो जहाँ में कौन मेरी सुनने वाला है।।

35
इस तन में रमा करना, इस मन में रमा करना। वै
कुंठ तो यही है, इसमें ही बसा करना।। 

हम मोर बनके मोहन, नाचा करेंगे वन वन । 
तुम श्याम घटा बनकर, उस वन में उठा करना।। 

हो हो के हम पपीहा, पी-पी रटा करेंगे। 
तुम स्वाति बूंद बन कर, प्यासे पे दया करना।। 

हम भी समस्त जग में, तुमको ही निहारेंगे। 
तुम दिव्य ज्योति बनकर, नयनों में रहा करना।।

36
घूघट का पट खोल री तोहे पिया मिलेंगे। 
घट घट में वह साई रमता कटुक वचन मत बोल रे।।

रंगमहल में दीप जलत है आसन से मत डोल रे। 
कहत कबीर सुनो भाई साधी अनहद बाजत ढोल रे।।

37
फूलों में सज रहे हैं श्रीवृन्दावन बिहारी।
और संग सज रही हैं वृषभानु की दुलारा।। 

टेढ़ा सा मुकुट सिर पर रक्खा है किस अदा से 
करुणा बरस रही है करुणा भरी निगाह से ।। 
बिन मोल बिक गई हूँ जबसे छवि निहारी।। फूलों।। 

बइया गले में डाले जब दोनों मुस्कुराते । 
सबका ही प्यारे लगते सबके ही मन को भाते। 
इन दोनों पे मैं सदके इन दोनों पे मैं वारी।। फूलों।। 

शृंगार तेरा प्यारे शोभा कहूँ क्या उसकी। 
इन पे गुलाबी पटका उन पे गुलाबी साड़ी। 
नीलम से सोहै मोहन स्वर्णिम सी सोहे राधा। 
इत नन्द का है छोरा उत भानु की दुलारी। 

चुन चुन के कलियाँ जिसने बंगला तेरा बनाया। 
दिव्याभूषणों से जिसने मोहन तुम्हें सजाया । 
उन हाथों पे मैं सदके उन हाथों पे मैं वारी।। फूलों।।

38
तेरी बन जायेगी राम गुण गाये से । 

ध्रुव जी की बन गई प्रह्लाद की बन गई, 
द्रौपदी की बन गई चीर के बढ़ाये से। 

धन्ना की बन गई सदना की बन गई, 
मीरा की बन गई कृष्णगुण गाये से। 
ब्रह्मा की बन गई विष्णु की बन गई, 
नारद की बन गई वीणा के बजाये से।। 

अहिल्या की बन गई शबरी की बन गई, 
विभीषण की बन गई शरण में आये से। 
विदुर की बन गई सुदामा की बन गई, 
मोरध्वज की बन गई आरा चलाये से।। 

चेता की बन गई सेना की बन गई, 
नरसी की बन गई हुडी भुनाये से। 
गोरख की बन गई कबीरा की बन गई, 
हनुमान की बन गई सीया सुध लाये से।।

39
नीको लगे री वृन्दावन, हमें तो बड़ौ नीको लगे।। 
घर-घर तुलसी ठाकुर सेवा, दरशन गोविन्द जी कौ।। 
निमल नीर बहत जमुना कौ, खायबौ दूध दहा का।। 
कुजन-कुजन फिरत राधिका, शब्द सुनत मुरली कौ।। 
रतन सिंहासन आप विराजै मुकुट धर्यो तुलसी कौ।। 
मीरा के प्रभु गिरधर नागर भजन बिना नर फीकौ।।

हिंदी भजन संग्रह लिरिक्स 100+ bhajan sangrah lyrics 

40
जशोदा जायो ललना, मैं वेदन में सुनि आई।
में वेदन में सुनि आई, पुराणन में सुनि आई।। 

मथुरा में याने जनम लियौ है, गोकुल में झूलै पलना।। 
लै वसुदेव चले गोकुल 1, मारग में गहरी जमुना।। 
छूकर चरण उतर गई जमुना, जल रह गयौ टखना-टखना।। 
काहे कौ याकौ बन्यौ है पालनौ, काहे के लागे फुदना ।। 
चंदन कौ याकौ बन्यौ है पालनौ, रेशम के लागे फुदना।।
 नंदबाबा गऊ-दान करत हैं, मैया झुलावै पलना।। 
'चन्द्रसखी' भज बालकृष्ण छवि, चिरजीवै तेरौ ललना।।

41
आप बसौ बरसाने अली वृषभानु लली सुधि मेरी बिसारी। 
कोमल चित्त दीनन के हित नित्त करो ये बान तिहारी।।

 कान दिए सुनिए मम स्वामिनि दासी की आस पुजावन हारी। 
मोहि देहु यही ब्रज डोलौ करूँ तेरो नाम जपूँ नित श्यामा प्यारी।। 

हेम सिंहासन हीर जड़े तेहि पै पट हैं अति मंद बिछाये। 
सोलह सहस्र अली निकसी वृषभानु लली उत श्यामजू आए।। 

आरती लै कोई गुंजन माल लिए तुलसी दल शीश नवाए। 
स्वागत प्रेम सों मध्य बिठाई मैं भी रही फल नैनन पाए।। 

ऐसे किशोरी जी नाहिं बने तुम कैसे सुधि मो बिसार रही हो। 
हे अवनासिन दीनन स्वामिनि का मम बाट बिचारि रही हो।। 

तेरे अवलोकन ऐसी दशा मोहे यों भवसिन्धु में डारि रही हो। 
मो सम दीन अनेकन तारे वा श्रम से अब हारि रही हो।। 

कीरति नन्दिनि कीजै कृपा कर जोरि कहूँ निज पास बसाओ। 
सीस धरूँ धरनी विच स्वमिनि दे ललिते-ललिते समझाओ।। 

मोय विशाखा बिसारो नहीं वृषभानु सुता को व्यथा ये सुनाओ। 
ऐही कहो मिल आली सखी अब चरनन चेरी मोहि बनाओ।।

42
कुंज में बिराजै घनश्याम राधे-राधे। 
श्याम-राधे-राधे घनश्याम राधे-राधे।।
कुंज में बिराजै.. 

उनकी रहमत का झूमर सजा है। 
मुरली वाले की महफिल सजी है,
मुझको महसूस यह हो रहा है। 
तेरी महफिल में करुणा भरी है।।१।।
कुंज में बिराजै.... 

तेरे दर से खाली मैं न जाऊँ। 
बात आकर यहाँ पर अड़ी है, 
तुझको अपना समझकर मैं आयी। 
मांगने को तो दुनिया पड़ी है।।२।।
कुंज में बिराजै..........


43
छलिया नन्द को हमें तो जोगनिया बनाय गयो री।
हमें तो वैरागन बनाय गयो री। 
मोर मुकुट पीताम्बर सोहे जाके, 
हमारे सिर जटा धराय गयौ री। 
कानो में कुण्डल गले वनमाला, 
हमारे अंग भभूति रमाय गयो री। 
आप तो जाय द्वारका धाये, 
हमें तो वृन्दावन बसाय गयो री। 
चन्द्रसखी भज बालकृष्ण छवि,
हमें तो हरिदासी बनाय गयो री। 
छलिया नन्द को हमें तो जोगनिया बनाय गयो री।।

44
हरि नाम सुनाने वाले तुमको लाखों प्रणाम। 
हरि कथा सुनाने वाले तुमको लाखों प्रणाम।

हम भूल रहे थे वन में ,बल खो बैठे थे तन में। 
ओ राह बताने वाले, तुमको लाखों प्रणाम ।।१।।

हम लेकर विष का प्याला। जा रहे थे यम के गाला। 
ओ सुधा पिलाने वाले तुमको लाखों प्रणाम ।।२।।

हम पार तेरा क्या पावें। बस सीस झुका यही गावें। 
ओ प्रेम लुटाने वाले तुमको लाखों प्रणाम ।।३।।

तुम घट-घट अन्तर्यामी हम पतित और अज्ञानी। 
श्री कृष्ण मिलाने वाले तुमको लाखों प्रणाम ।।४।।

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45
श्रीराधे गोपाल भज मन श्री राधे।
श्री राधे श्याम राधे आजा-आजा कृष्ण मुरारी।
पड़ी भंवर में नाव हमारी। भक्तन के प्रतिपाल भज मन श्री राधे।।१।।

द्रुपद सुता दुष्टों ने घेरी आये नाथ करी ना देरी।
तुरत लगाय चीर की ढेरी। भये वस्त्र रूप नन्दलाल, भज मन श्री राधे।।२।।

गज और ग्राह लड़े जल भीतर
गज की टेर सुनी मेरे नटवर । आये मदन गोपाल, भज मन श्रीराधे।।३।।

ब्रज वासिन के सखा दुलारे।
ब्रज गोपिन के प्राण पियारे। मन मोहन नन्दलाल, भज मन श्री राधे ।।४।।

सूर-श्याम आँखन के तारे।
दुखों के तुम हो नाशन हारे। मीरा के गिरधर लाल, भज मन श्री राधे।।५।।

46
या व्रज में कछु देख्यो री टोना। 
ले मटकी सिर चली गुजरिया, आगे मिले बाबा नंद के छौना। 
दधि को नाम बिसरि गयो प्यारी ले लेहु री कोई स्याम सलोना।। 
वन्दावन का कुज गलिन में ऑखि लगाय गयो मनमोहना। 
मीरा के प्रभु गिरिधर नागर सुन्दर स्याम सुघर रस लौना।।

47
लाला जनम सुनि आई, यशोदा मैया दे दो बधाई।। 
टीका भी लुंगी, नथिनी भी लुंगी कुण्डल की लुंगी जड़ाई।। 
हार भी लुंगी, सिंगार भी लुंगी, माला भी लुंगी गुथाई।। 
दस्ते भी लुंगी, चूड़ी भी लुंगी, मुंदरी की लुंगी उसाई।। 
पायल भी लुंगी, बिछुआ भी लुंगी, तगड़ी की लुंगी गढ़ाई।। 
मा लुगी, लहंगा भी लँगी, चूनर की लँगी कढ़ाई।। 
चन्द्रसखी' भज बालकृष्ण छबि जी भर के लुंगी बधाई।।

48
भजन श्यामसुन्दर का करते रहोगे,
तो संसार सागर से तरते रहोगे।। 
कृपानाथ केवल मिलेंगे किसी दिन,
जो सत्संग पथ से गुजरते रहोगे। 
चढ़ोगे हृदय पर सभी के सदा तुम,
तो अभिमान गिरि से उतरते रहोगे।। 
न होगा कभी क्लेश मनको तुम्हारे,
जो अपनी बढ़ाई से डरते रहोगे। 
छलक ही पड़ेगा दया सिन्धु का दिल,
जो दृग बिन्दु से रोज भरते रहोगे।।

49
माई री मैंने गोविन्द लीनो मोल। 
कोई कहे कारो कोई कहे गोरो लियो है आँखें खोल।। 
कोई कहे हलको कोई कहै भारी लियो है तराजू तोल। 
कोई कहे चोरी कोई कहे चुपके लियो है बजाके ढोल।। 
कोई कहे सस्तो कोई कहे मँहगो लियो रतन अनमोल । 
मीरा के प्रभु गिरिधर नागर पूर्व जन्म को कोल।।

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50
जे तू न फड़दा साडी बाहँ असां रूल जाणा सी 
फिर कित्थे ना मिलदी थांह असां रूल जाना सी।१।

ना नचदी टपदी ऐ जिन्दगानी होनी सी
मेरे ठाकुर मेरी कहानी फिर की होणी सी 
जे तू ना देंदा खुशियां जे तू ना देंदा खुशियां असां रूल जाणा सी।२।

कई जन्म होए बर्बाद ना रस्ता मिलया ए 
होई कृपा मेरी जिन्दगी दा फुल हुण खिलया है 
जे तू ना देंदा सिधी राह असां रूल जाणा सी।३।

तू मेरा है मै तेरा ये रिश्ता टूटे ना 
भावें छुट जाए जग सारा तेरा दर छुटे ना 
तर दर ते न मिलदी थांह, असां रूल जाणा सी।- 

चाहे लखां होण जब्रान गुण नही गा सकदी
मेरे सतगुरु तेरा कर्ज अदा नही कर सकदी 
जे तू ना देंदा तैडी छांह, असां रूल जाणा सी।५।

51
सारी दुनिया है दिवानी, राधा रानी आप की 
कौन है जिस पर नहीं है मेहरबानी आप की।१। 

सारा जहाँ है इक चमन, और इस चमन के फूल हम 
इन सभी फूलों में श्यामा, हम निशानी आपकी, 
कौन है जिस पर नही है मेहरबानी आपकी ।२। 

जैसे गंगा और जमुना की धारा बहती भूमि पर 
वैसे ही बहती है, ममता, राधारानी आपकी 
कौन है जिस पर नहीं है मेहरबानी आपकी।३। 

तन भी तेरा मन भी तेरा, मेरा क्या है लाडली
तेरा तुझको सौंपती हूँ, यह निशानी आपकी 
कौन है जिस पर नही है मेहरबानी आपकी।४। 

उम्र भर गाती रहूँ मैं महिमा शामा आपकी
अपने चरणों में ही रखना, मेहरबानी आपकी 
कौन है जिस पर नही है मेहरबानी आपकी ।५।

52
मोहन से दिल क्यों लगाया है ये मैं जानू या वो जाने 
छलिया से दिल क्यों लगाया है ये मैं जानू या वो जाने

ये मैं जानू या वो जाने, ये मैं जानू या वो जाने 
रसिया से दिल क्यों लगाया है, ये मैं जानू या वो जाने

छैला से दिल क्यों लगाया है, ये मैं जानू या वो जाने 
टेड़े से दिल क्यों लगाया है, ये मैं जानू या वो जाने।१।

मिलता भी है, मिलता भी नहीं, नजरों से वो हटता ही नही
ये कैसा जादू डाला है ये मैं जानू या वो जाने।२। 

तेरे प्यार में दिल दिवाना हुआ, मैं इस जग से बेगाना हुआ 
मैने क्या खोया क्या पाया है, ये मैं जानू या वो जाने ।३। 

हर बात निराली है उसकी, हर बात में उसका टेड़ापन 
टेड़े से दिल क्यों लगाया है, ये मैं जानू या वो जाने।४। 

जब-जब दिल ने तझे याद किया, इस जग ने मुझ बदनाम 
बदनामी का फल, क्या पाया है, ये मैं जानू या वा जा

हिंदी भजन संग्रह लिरिक्स 100+ bhajan sangrah lyrics 

53
बजाओ राधा नाम की, ताली 
सबके संकट दूर करेंगी, सबके संकट दूर करेगी 
ये बरसाने वारी, बजाओ, जय हो, बजाओ, जय हो, बजाओ

सृष्टि का आधार है, राधा, करुणामयी सरकार है राधा 
राधा नाम है जिस रसना पर, राधा नाम है जिस रसना पर 
उसने भक्ति पाली, बजाओ, जय हो, बजाओ, जयहो, बजाओ।२।

प्रेमसुधा बरसाने वाली, करूणा रस छलकाने वाली 
तन मन शीतल करें जीवन में, तन मन शीतल करें जीवन में 
भर देगी खुशहाली, बजाओ, जय हो, बजाओ, जय हो, बजाओ।३। 

कृपा दृष्टि जिस पर कर देती, जीवन में खुशियां भर देती
मन उपवन में फूल खिलें, मन उपवन में फूल खिले 
महके डाली डाली, बजाओ, जय हो, बजाओ, जय हो, बजाओ।४।

और किसी की चाह करें क्यूँ, दुनिया की परवाह करें क्यूँ
साँवरिया की सांवरी रस है, साँवरियां की संवारी रस है 
करती है रखवाली, बजाओ, जय हो, बजाओ, जय हो, बजाओ।५।

ये ताली तो ताली ही है, बाकी सब जग खाली 
बजाओ, जय हो, बजाओ, जय हो, बजाओ।६।

54
दरबार में राधा रानी के, दुख दर्द मिटाए जाते हैं
दुनिया के सताए लोग यहाँ, सीने से लगाए जाते हैं 
राधा राधा राधा राधा राधा राधा शामा शामा शामा शामा शाम।१।

 संसार नही है रहने को, यहाँ, दुख ही दुख हैं सहने को यहां 
भर-भर के प्याले अमृत के, यहाँ रोज पिलाए जाते हैं
दरबार में राधा रानी के, दुख दर्द मिटाए जाते हैं 
राधा राधा राधा राधा राधा राधा शामा शामा शामा शामा शामा।२।

पल पल में आस निरास भई, दिन दिन घटती, पल पल बढ़ती
दुनिया जिनको ठुकरा देती, वो गोद बिठाए जाते हैं
दरबार में राधा रानी के, दुख दर्द मिटाए जात हैं
राधा राधा राधा राधा राधा राधा शामा शामा शामा शामा शामा ।३।

जो राधा राधा कहते हैं, वो प्रिया शरण में रहत हैं
 करती है कृपा वृषभानु सुता, वही महल बुलाए जात हैं
दरबार में राधा रानी के, दुख दर्द मिटाए जात हैं
राधा राधा राधा राधा राधा राधा शामा शामा शामा शामा शामा ।।।

वो कृपामयी कहलाती है, रसिकों के मन को भाता हैं
दुनिया में जो बदनाम हुए, पलकों पे बिठाए जाते हैं
दरबार में राधा रानी के, दुख दर्द मिटाए जाते हैं 
राधा राधा राधा राधा राधा राधा शामा शामा शामा शामा शामा ।५।

55
सज मत शाम नजर लग जाएगी 
बरसाने की गूजरी, हो बरसाने की गूजरी तेरे पे मर जाएगी 
सज मत जय हो जय हो, सज मत जय हो जय हो
सज मत शाम नजर लग जाएगी।१। 

जब जब शाम तोरी मुरली बाजे, तेरी मुरली मोहे सौतन लागे
बजे तोरी बांसुरी हो हो बजे तेरी बांसुरी 
तो राधारानी बरसाने की चली आएगी 
सज मत शाम नजर लग जाएगी।२। 

जब जब शाम मोरी गलियन में आया
प्यारा सा रूप मन मोहन ने बनाया 
देखे तुझको गोपियां हो हो, देखे तुझको गोपियां तेरे पे मर जाएगी
सज मत शाम नजर लग जाएगी।३। 

मतवारी शाम, मोहे प्यारो घणो लागे । 
प्यारो घणो लागे मोहे प्यारो घणो लागे
बरसाने की गुजरी हो हो । 
प्रेम से कान्हा जब देखे मोको
मोको मुझको देखे कान्हा, मुझको देखे 
मटके ऊपर मटकी हो हो, मटके ऊपर मटकी मोरी नीचे गिर जाएगी
सज मत शाम नजर लग जाएगी।४।

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56
श्याम बुलावे राधा नही आवे 
चली आईयो राधा प्यारी, बागो में झूले पड़े

कैसे मैं आँऊ, बिन्दियां मोरी चमके 
बिन्दियां मोरी चमके हाँ, बिन्दियां मोरी चमके 
बिन्दियां को उतार के, माथे तिलक लगाक 
चली आईयो राधे प्यारी, बांगो में झूले पड़े ।१।

कैसे मैं आऊँ नथनी मोरी चमके 
नथनी मोरी चमके, नथनी मोरी चमके 
नथनी को उतार के छोटा कोक डाल के 
चली अईयो राधा प्यारी, बांगों में झूले पड़े ।२।

कैसे मैं आऊँ चूडी मोरी खनके 
चूडी को उतार के हाथों में कगंन डाल के 
चली आंईयो राधे प्यारी, बांगो में झूले पड़े।३।

कैसे मैं आँऊ, सास मोरी जागे 
सास को सुला के, पाँव दबा के चली आईयो राधे प्यारी।४।

57
लाडली अद्भुत नजारा तेरे बरसाने में है।
बेसहारों को सहारा, तेरे बरसाने में है। 

हर लता हर डाल पर, तेरी दया की है झलक, 
हर घड़ी यशुमति दुलारा, तेरे बरसाने में है। लाडली..

यू तो सारे ही ब्रिज में तेरी लीला का प्रताप, 
पर अनोखी ये छटा बस तेरे बरसाने में है, लाडली....

झाकियां मेरे भवन की कट रहे सब देवगण 
आ गया वैकुण्ठ सारा तेरे बरसाने में है। लाडली..

ये बता जायें कहा, अब तेरे दर को छोड़कर 
मेरे जीवन का सहारा, तेरे बरसाने में है। लाडली..

मैं भला हू या बुरा हूँ, तेरा ही हूँ लाडली, 
छोड़कर सब आ गया हूँ, तेरे बरसाने में है, लाडली..

वृन्दावन की कुंज गलिन में vrindavan ki kunja galin me

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