F न ब्राह्मणैस्तुलये /na bramhanais tulaye - bhagwat kathanak
न ब्राह्मणैस्तुलये /na bramhanais tulaye

bhagwat katha sikhe

न ब्राह्मणैस्तुलये /na bramhanais tulaye

न ब्राह्मणैस्तुलये /na bramhanais tulaye

 न ब्राह्मणैस्तुलये /na bramhanais tulaye


न ब्राह्मणैस्तुलये भूतमन्यत्
       पश्यामि विप्रा: किमतः परं तु |
यस्मिन्नृभिः प्रहुतं श्रद्धयाहमश्नामि
     कामं     न      तथाग्निहोत्रे ||
( 5/5,23 )
इस जगत में मैं ब्राह्मणों से अधिक किसी को भी श्रेष्ठ नहीं मानता | अग्नि में दी हुई आहुति से मैं उतना प्रसन्न नहीं होता जितना श्रद्धा पूर्वक ब्राह्मणों को भोजन कराने से होता हूं |

 न ब्राह्मणैस्तुलये /na bramhanais tulaye


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