Ahanya Hani Bhutani /अहन्यहनि भूतानि
अहन्यहनि भूतानि गच्छन्ति यममन्दिरं |
शेषा जीवितु मिच्छन्ति किमाश्चर्य मतः परम ||
प्रतिदिन एक और प्राणी मर रहे हैं और दूसरी ओर उन मरते हुए प्राणियों को देखते हुए भी जीव जीने की इच्छा करता है और भोग भोगने में लगा रहता है यही संसार का सबसे बड़ा आश्चर्य है |Ahanya Hani Bhutani /अहन्यहनि भूतानि
- आप के लिए यह विभिन्न सामग्री उपलब्ध है-
भागवत कथा , राम कथा , गीता , पूजन संग्रह , कहानी संग्रह , दृष्टान्त संग्रह , स्तोत्र संग्रह , भजन संग्रह , धार्मिक प्रवचन , चालीसा संग्रह , kathahindi.com
आप हमारे whatsapp ग्रुप से जुड़ने के लिए यहाँ क्लिक करें- click here
हमारे YouTube चैनल को सब्स्क्राइब करने के लिए क्लिक करें- click hear
