अजां मेकां लोहित /ajam mekam lohit
अजां मेकां लोहित शुक्ल कृष्णां |
बहवी प्रजाः सृज माना सरूपा: ||
एक माया ही के सत्व रज और तम यह तीन रूप हैं और वह इन्हीं के द्वारा अपने समान अनेकों प्रकार की सृष्टि करती है , परमात्मा ही व्यभिचारणी स्त्री माया का पति है मायावती भगवान |अजां मेकां लोहित /ajam mekam lohit
- आप के लिए यह विभिन्न सामग्री उपलब्ध है-
भागवत कथा , राम कथा , गीता , पूजन संग्रह , कहानी संग्रह , दृष्टान्त संग्रह , स्तोत्र संग्रह , भजन संग्रह , धार्मिक प्रवचन , चालीसा संग्रह , kathahindi.com
आप हमारे whatsapp ग्रुप से जुड़ने के लिए यहाँ क्लिक करें- click here
हमारे YouTube चैनल को सब्स्क्राइब करने के लिए क्लिक करें- click hear
