त्वं जीवन्मृतो मां कदर्थी /tvam jivan mrato mam
त्वं जीवन्मृतो मां कदर्थीकृत्य भर्तृशासन मति चरसि |
प्रमत्तस्य च ते करोमि चिकित्सां दण्ड पाणिरिव ||
( 5.10.7 )
तुम जीते जी मुर्दे के समान हो जो मेरी आज्ञा की अवहेलना कर रहे हो मैं यमराज के समान तुम्हारी चिकित्सा कर दूंगा ,,,त्वं जीवन्मृतो मां कदर्थी /tvam jivan mrato mam
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