Pratyadhidevata Puja Mantra Lyrics / प्रत्यधिदेवता स्थापन पूजन मंत्र

 Pratyadhidevata Puja Mantra Lyrics प्रत्यधिदेवतास्थापनम् 

प्रत्यधिदेवता स्थापन पूजन मंत्र / pratyadhidevata puja mantra lyrics

Pratyadhidevata Puja Mantra Lyrics

अग्निरापो धरा विष्णुः शक्रेन्द्राणी पितामहाः ।

पन्नागाकः क्रमाद्वामे ग्रहप्रत्यधिदेवताः ।। 

(नवग्रह मण्डल पर अधिदेवताओं की स्थापना के उपरान्त नवग्रहों के बायें भाग में निम्न प्रत्येक मन्त्र उच्चारण करते हुए दाहिने हाथ से क्रमानुसार चावल छोड़ते हुए प्रत्यधिदेवताओं का आवाहन एवं स्थापन करें।)


अग्निम् --

ॐ अग्नि दूतं पुरो दधे हव्यवाहमुपब्ब्रुवे । देवाँ२ ऽआसादयादिह ।।

रक्तमाल्याम्बरधरं रक्तपद्मासन-स्थितम् । 

वरदाभयदं देवमग्निमावाहयाम्यहम् ॥

(सूर्य के वायें भाग में) 

ॐ भूर्भुवः स्वः अग्ने इहागच्छ इह तिष्ठ अग्नये नमः अग्निमावाहयामि, स्थापयामि ।। 


अपः - 

ॐ आपो हिष्ठा मयोभुवस्ता न'ऽऊर्जेदधातन । महेरणाय चक्षसे ।

आदिदेवसमुद्भूता जगच्छुद्धिकराः शुभाः । 

ओषध्याप्यायनकरा अपामावाहयाम्यहम् ॥

(चन्द्रमा के बायें भाग में) 

ॐ भूर्भुवः स्वः अप इहाऽऽगच्छत इह तिष्ठत अद्भ्यो नमः अप आवाहयामि स्थापयामि । 

Pratyadhidevata Puja Mantra Lyrics

पृथिवीम् -- 

ॐ स्योना पृथिवि नो भवानृक्षरा निवेशनि । जच्छा नः शर्म सप्रथाः ।

शुक्लवर्णां विशालाक्षी कूर्मपीष्ठोपरिस्थिताम् । 

सर्वशस्याश्रयां देवीं धरामावाहयाम्यहम् ॥

(मंगल के वार्ये भाग में) 

ॐ भूर्भुवः स्वः पृथिवि इहागच्छ इह तिष्ठ पृथिव्यै नमः, पृथिवीमावाहयामि स्थापयामि ।


विष्णुम् --

ॐ इदं विष्णुर्विचक्क्रमे त्रेधा निदधे पदम् । समूढमस्य पा गुंग सुरे स्वाहा ।

शंख - चक्र - गदापद्महस्तं गरुडवाहनम् । 

किरीट - कुण्डलधरं विष्णुमावाहयाम्यहम् ॥

(बुध के बायें भाग में)

ॐ भूर्भुवः स्वः विष्णो इहागच्छ इह तिष्ठ विष्णवे नमः, विष्णुमावाहयामि स्थापयामि |


इन्द्रम् --

इन्द्र ऽआसां नेता बृहस्पतिर्द्दक्षिणा यज्ञः पुरऽएत सोमः। देवसेनानामभिभञ्जतीनां जयन्तीनां मरुतो यन्त्वग्रम् ।

 ऐरावतगजारूढं सहस्राक्षं शचीपतिम् ।

वज्रहस्तं सुराधीशमिन्द्रमावाहयाम्यहम् ।।

ॐ भर्भुवः स्वः इन्द्रेहागच्छ इह तिष्ठ इन्द्राय नमः इन्द्रमावाहयामि स्थापयामि।

(वृहस्पति के बायें भाग में)


इन्द्राणीम् --

ॐ आदित्त्यै रास्स्नासीन्द्राण्ण्यां ऽउष्ण्णीषः । पूषासि घर्माय दीष्ष्व ।

प्रसन्नवदनां देवी देवराजस्य वल्लभाम् ।

नाना ऽलङ्कारसंयुक्तां शचीमावाहयाम्यहम् ।। 

ॐ भूर्भुवः स्वः इन्द्राणि इहागच्छेह तिप्ठ इन्द्राण्यै नमः, इन्द्राणीमावाहयामि स्थापयामि ।

(शुक्र के बायें भाग में) 

Pratyadhidevata Puja Mantra Lyrics

प्रजापतिम् --

ॐ प्रजापते न त्वदेतान्न्यन्यो व्विश्वा रूपाणि परिता बभूव । जत्कामास्ते जुहुमस्तन्नो ऽअस्तु व्वय गुंग स्याम पतयो रयीणाम् ।

आवाहयाम्यहं देवदेवेशं च प्रजापतिम् ।

अनेकव्रतकर्तारं सर्वेषां च पितामहम् ॥ 

ॐ भूर्भुवः स्वः प्रजापते इहागच्छ इह तिष्ठ प्रजापतये नमः, प्रजापतिमावाहयामि स्थापयामि ।

(शनि के वायें भाग में) 


पन्नगान् -

ॐ नमोऽस्तु सर्पेभ्यो जे के च पृथिवीमनु । जे अन्तरिक्षे जे दिवि तेभ्यः सर्पेभ्यो नमः ।

अनन्ताद्यान् महाकायान् नानामणिविराजितान् ।

आवाहयाम्यहं सर्पान फणासप्तकमण्डितान् ।। 

ॐ भूर्भुवः स्वः सर्पा इहागच्छत इह तिष्ठत सर्पेभ्यो नमः सर्पानावाहयामि स्थापयामि।

(राहु के वायें भाग में)


ब्रह्माणम् -

ॐ ब्रह्म जज्ञानं प्रथमं पुरस्ताद्वि सीमतः सुरुचो व्वेनऽआवः । स बुध्ध्न्या उपमा अस्य विष्ठा: सतश्च योनिमसतश्च विवः ।

हंसपृष्ठसमारूढं देवतागणपूजितम् ।

आवाहयाम्यहं देवं ब्रह्माणं कमलासनम् ।। 

ॐ भूर्भुवः स्वः ब्रह्मन् इहागच्छह इह तिष्ठ ब्रह्मणे नमः ब्रह्माणमावाहयामि स्थापयामि ।

(केतु के बायें भाग में)

Pratyadhidevata Puja Mantra Lyrics

इति प्रत्यधिदेवतानां पूजनम्



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Pratyadhidevata Puja Mantra Lyrics

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